बच्चों में बढ़ता डिप्रेसन

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आज के दौर में हर तरफ गजब की प्रतियोगिता है । कई माता – पिता अपने बच्चों के माध्यम से अपनी महत्वाकांक्षा पूरा करना चाहते हैं । नृत्य – गायन , पेंटिंग , खेल , स्विमिंग और दूसरे कई क्लासेस में जाने के बाद बच्चों को अपनी नियमित पढ़ाई के लिये ट्यूसन भी भेजा जाता है या घण्टों उन्हें खुद पढ़ना होता है । एक तरफ टैलेंट की फील्ड में अव्वल रहने की प्रतिस्पर्धा और दूसरी तरफ पढ़ाई । ऐसे में जिन बच्चों पर जरूरत से ज्यादा अपेक्षाओं का बोझ होता है , उनमें से अधिकतर बहुत जल्द मनोवैज्ञानिक दिक्कतों से घिर जाते हैं । बच्चों में भी डिप्रेसन अब आम बात हो गयी है ।
बहुमुखी प्रतिभा का धनी होना अच्छी बात है लेकिन टैलेंट की अंधाधुंध दौड़ में बच्चों का बचपन खोता जा रहा है जो कि एक चिंताजनक बात है । अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के विषय में भी विचार करना हर माता – पिता की जिम्मेदारी है । आप सभी अभिभावकों से निवेदन है कि अपनी महत्वकांक्षाओं की जिद्द की वजह से अपने मासूम बच्चों से उनका बचपन मत छीनिये ।
जय हिंद !!
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अनूप मिश्रा अपूर्व
संरक्षक
बाल चौपाल
मोबाइल : 9918317707
7355907832

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