मेरे स्कूल वाले दिन

वो क्लास की बैक बेंच का मजा अमरूद और समोसे की खुशबू

बचपन कानपुर में बीता और पढाई भी वहीं हुई। कानपुर के बचपन के दोस्त, टीचर सब याद हैं। बचपन की कहानियां सहेजे तिकोना पार्क, मौनी घाट वाले हनुमान जी शेरा बाबू वाले हनुमान जी, सेंटर वाला पार्क हैं तो जरूर पर चहल पहल नहीं है। अपने पुराने स्कूल से गुजरा तो बहुत कुछ याद...

मैंने कॉमिक्स से ही पढ़ना सीखा

आज अचानक अपने स्कूल का पहला दिन याद आ गया.छोटी होने के कारण कई फायदे तो थे लेकिन नुकसान भी था...मुझे घर पर सारे दिन अपने भाइयों के स्कूल से घर आने का इंतजार करना पड़ता था,इस बोरियत को मिटाने के लिए मम्मी मुझे अक्षर ज्ञान और लिखना सिखाते थे......इसी वजह से मैं स्कूल...