नागपंचमी पर सावनी रंग में रंगा भयहरणनाथ धाम

नागपंचमी पर सावनी रंग में रंगा भयहरणनाथ धाम

भयहरणनाथ धाम में घुघुरी लोक उत्सव का हुआ भव्य आयोजन
इलाहाबाद व प्रतापगढ़ की सीमा पर स्थित भयहरणनाथ धाम में नागपंचमी के अवसर पर घुघुरी लोक उत्सव का भव्य व सुरुचि पूर्ण आयोजन हुआ। जहा एक ओर स्थानीय व नामी लोक कलाकारों, पार्श्व गायकों, कवियों की महफ़िल सजी वहीँ 15 विशिष्ट लोगो को प्रतापगढ़ गौरव सम्मान एवं उत्कृष्ठ कार्यो हेतु 6 महिलाओ को गुड़िया सम्मान से अलंकृत किया गया।

जन भागीदारी का उत्कृष्ठ उदाहरण हैं बकुलाही का फिर से बहना

मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व जिलाधिकारी प्रतापगढ़ आर एस वर्मा ने कहा कि लोक संस्कृति के संवर्धन हेतु भयहरणनाथ धाम की गतिविधियां समाज के लिए कल्याणकारी है। यहां के बकुलाही नदी के पुनरोद्धार के सामाजिक प्रयास से प्राप्त सफलता सदैव जन भागीदारी का उत्कृष्ठ उदाहरण बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां संचालित जन सहायता केंद्र से लोगो को काफी लाभ हो रहा है। जो एक जाग्रत और कर्मशील समाज का परिचायक है। अवकाश प्राप्त आई ए एस बर्मा जी ने प्रतापगढ़ में जिलाधिकारी रहते अपने अनुभवों और स्मृतियों को साझा किया।

बरसात से पहले होगा सरकारी काम

प्रारम्भ में ही अतिथियों और सभी नागरिकों का स्वागत करते हुए धाम के महासचिव एवं बकुलाही पुनरोद्धार अभियान के संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता डॉ समाज शेखर ने स्थानीय समाज में चल रही गतिविधियों और बकुलाही नदी पुनरोद्धार की भावी रणनीति पर विस्तार से उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष बरसात से पूर्व अवशेष सरकारी कार्य संपन्न हो सकेगा। तभी बकुलाही की प्राचीन 21.4 किलो मीटर धारा सदानीरा हो सकेगी। जिसमे पुनरोद्धार बांध का निर्माण तथा गेल इण्डिया की गैस पाइप लाइन को व्यवस्थित करने का कार्य होना है। वहीं समाज शेखर ने कहा कि आज बकुलाही पुनरोद्धार के अथक प्रयास का ही परिणाम है कि आज नदी में बांध बनाये बिना 6 फिट ऊँची प्राचीन जल धारा जल मग्न हो बह रही है।उन्होंने जिलाप्रशासन से मांग की सम्बंधित विभागों के माध्यम से जल्दअथाह जल प्रवाह का आकलन अवश्य किया जाये जिससे अपेक्षित योजनाएं प्रवाह के अनुसार हो। अन्यथा कार्य की गुणवत्ता और उद्देश्य प्रभावहीन हो सकते हैं।

हम गुडिया को पीटते नहीं उसका सम्‍मान करते हैं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीबीडीसी से प्राचार्य डॉ बृज भानु सिंह ने कहा कि लोक संस्कृति को बचाने और उसके पुनर्जागरण का यह अद्वितीय उदहारण बनता जा रहा है। वहीं एमडीपीजी कालेज के प्रो पीयूष कान्त ने कहा कि यहाँ के लोगो ने गुड़िया पीटना बंद करके समाज की गुड़िया का सम्मान करते है। यहां लोक हित की नवाचार के रूप में लोक परम्परा का रूप ले रही है। जो निरंतर बढ़ेगी।
लखनऊ से पधारे जादूगर राकेश श्रीवास्तव द्वारा बेहतरीन जादू का प्रदर्शन हुआ उन्हें अमेठी का जादूगर सम्राटसम्मान से विभूषित किया गया।
कार्यक्रम के शुरुवात में ही तेज दौड़ प्रतियोगिता हुई जिसमे क्षेत्रीय युवाओ ने भाग लिया। सभी धावकों को प्रमाणपत्र तथा प्रथम , द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले धावकों को किट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्द उद्घोषक शरद मिश्र ने किया ।
इस अवसर पर चन्दन सिंह, राज कुमार शुक्ल, राज नारायण मिश्र, धीरेंद्र शुक्ल, पुजारी भोला नाथ तिवारी, पुजारी भोला पांडेय, महंत रमते राम जी, लालता प्रसाद मिश्र, देवी प्रसाद, अजय अग्रहरि, कमलेश अग्रहरि, लाल जी सिंह, सहित होलागढ़ और मान्धाता ब्लाक के गणमान्य नागरिक व पंचायत प्रतिनिधि भाग लिए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमो की रही धूम कवियों की सजी महफ़िल

भयहरणनाथ धाम में घुघुरी लोक उत्सव में विविध सांस्कृतिक कार्यकर्मो का आयोजन हुआ। जिसमें लोकगीत, नृत्य आदि का भव्यता के साथ संयोजन हुआ। वहीं बलिया से पधारे जन कवि जय प्रकाश शर्मा प्रकाश की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें प्रसिद्ध हास्य और व्यंग कवि अखिलेश द्विवेदी, कवियत्री मीरा तिवारी, नजर इलाहबादी, सुनील प्रभाकर, राजमूर्ति सिंह सौरभ, हरिवंश शुक्ल शौर्य, अंजनी अमोघ , लवलेश यदुबंशी, अरुण रत्नाकर, ठाकुर इलाहाबादी, आलोक बैरागी और डॉ अशोक अग्रहरि आदि ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से मंत्रमुग्ध कर दिया।

15 विभूतियों को मिला प्रतापगढ़ गौरव सम्मान

घुघुरी लोक उत्सव में जनपद के विकास हेतु विशिष्ट योगदान देने वाले १५ बिभूतियों को भयहरण नाथ धाम में नागपंचमी के अवसर पर प्रतापगढ़ गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया l जिसमे स्मृति शेष स्व मुनीश्वर दत्त उपध्याय जी को प्रतापगढ़ में शिक्षा के विकास हेतु तथा स्मृति शेष स्व आद्या प्रसाद मिश्र “उन्मत्त” जी को अवधि भाषा के विकास व बिस्तार हेतु मरणोपरांत यह सम्मान उनके परिजनों को दिया गया। वहीं डॉ शिवानी मातनहेलिया को शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु , डॉ ओंकार नाथ उपाध्याय को हिंदी साहित्य के संवर्धन व विकास हेतु , हेमंत नंदन ओझा को लोक संस्कृति के विकास हेतु ,राजा अनिल प्रताप सिंह को प्राचीन विरासत एवं परंपरा को आधुनिक स्वरूप देने हेतु ,अजय क्रांतिकारी को पर्यावरण संरक्षण हेतु सागर केसरवानी को जीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु ,डॉ श्रद्धा सिंह को महिला सशक्तीकरण और अधिकारों की रक्षा हेतु , दुर्गेश सिंह को योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु , संतोष भगवन को पत्रकारिता के क्षेत्र में अति विशिष्ट योगदान हेतु , विनोद विहारी शर्मा को रंगकर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु ,डॉ. दयाराम मौर्य ‘रत्न’ को लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु मंगला चरण मिश्र को लावारिश लाशों के मशीहा के रूप में सतत प्रयास हेतु तथा राजेश कुमार पांडेय निर्झर प्रतापगढ़ी यक्ष और युधिष्ठिर संवाद पुरातत्व स्थल अजगरा के जीर्णोधारक एवं प्रथम ग्रामीण संग्रहालय की स्थापना व सफल सञ्चालन हेतु प्रतापगढ़ गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। सभी ने आपने विचार भी प्रस्तुत किये।

डॉ रंजना सहित सहित 6 महिलाओ को मिला गुड़िया सम्मान

प्रसिद्द पांडव कालीन बाबा भयहरण नाथ प्रतापगढ में नागपंचमी(गुड़िया)के अवसर पर आयोजित घुघुरी लोक उत्सव में देश व समाज में बिबिध क्षेत्रो उत्थान हेतु किये उल्लेखनीय योगदान हेतु 6 महिलाओ को गुड़िया सम्मान से विभूषित किया गया। जिसमे कवियत्री प्रीता बाजपेयी, प्रसिद्ध समाजसेविका और मंच संचालिका डॉ रंजना त्रिपाठी , पार्श्व गायिका स्वाति निरखी, समाज सेविका रजिया सुल्तान, कवियत्री आभा मिश्रा तथा पार्श्व गायिका एवं शायरा इरम फातिमा को गुड़िया सम्मान से बिभुशित किया गया।

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