मोबाइल, फैशन से दूर, गांव का है ये कोहिनूर

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लालटेन की रोशनी स्ट्रीट लाइट की रोशनी में पढ़कर चमकने वाले बच्चों को देख जो आनंद आता है उसके लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं। आग बरसाते अप्रैल में खेतों में पसीना बहा रहे एक पिता और बेटी की तस्वीर नजर ही नहीं दिल में भी उतर जाती है। यह तस्वीर आज गांव की उन तमाम लड़कियों के सपनों में रंग भर रही है जिन्हें कभी छेड़खानी के डर से तो कभी घर के कामों में हाथ बंटाने के लिए घर की चौखट लांघने की इजाजत नहीं होती।
बागपत जनपद के फतेहपुर पुट्ठी गांव के साधारण किसान हरेंद्र तोमर व रूमा तोमर की बेटी तनु तोमर के लिए 27 अप्रैल का दिन जीवन का सबसे खास दिन बना जब उसे पता चला कि यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा में उसने टॉप किया है। तो उसे यकीन नहीं हुआ लेकिन जब उसके स्कूल के टीचर प्रोविजनल मार्कशीट लेकर ही आ गये तब उसने मार्कशीट ली और आग बरसाती गर्मी में दौड़ पडी खेत की ओर जहां उसे यह खुशखबरी सबसे पहले सुनानी थी।
उसे पता था कि उसके दसवीं पास किसान पिता हरेंद्र तोमर आग उगलती गर्मी में खेतों में अनाज काट रहे हैं से ज्यादा भला कौन खुश होगा। सच में बेटी की सफलता पर हरेन्द्र ही नहीं जिसने भी तस्वीर देखी उसने अपने बच्चों में भी तनु ही दिखी। तनु के परिवार वाले गांव वाले बताते हैं कि उसने कभी मोबाइल नहीं रखा, टीवी से दूर रही। जींस टॉप नहीं सूट सलवार उसका पसंदीदा पहनावा है।

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