दिव्यांश ने 16 साल में किया कमाल

दिव्यांश ने 16 साल में किया कमाल

निशानेबाजी में भारत किसी से कम नहीं रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे निशानेबाजों ने पदकों के ढेर लगाये हैं। भारत के दिव्यांश सिंह पंवार ने शुक्रवार को बीजिंग में चल रहे आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर रायफल में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। दिव्यांश अभी सिर्फ 16 साल के हैं। इस जीत के जरिए उन्होंने वर्ष 2020 में जापान के टोक्यो में होने वाले ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इस तरह वह भारत के चौथे निशानबाज बन गए हैं। इस प्रतियोगिता में वह महज 0.4 अंक के अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। उन्होंने फाइनल में 249 अंक हासिल कर दूसरा स्थान हासिल किया है।

2020 के ओलंपिक के लिए क्या क्वालीफाई

आपको बता दें कि इससे पहले ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाले निशानेबाजों में अंजुम मौदगिल, सौरभ चौधरी, अपूर्वी चंदेला का नाम शामिल था। अपूर्वी और अंजुम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर रायफल और सौरभ ने पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल कैटेगरी में ओलंपिक का कोटा हासिल किया था। दिव्यांश का इस वर्ल्ड कप में यह दूसरा पदक है। दिव्यांश की ओलंपिक में क्वालीफाई करने की यह उपलब्धि काफी मायने रखती है। अभी उनके पास दो साल का समय है, अगर इस दौरान वह अच्छी ट्रेनिंग लेते हैं तो ओलंपिक में भारत का नाम रोशन कर सकते हैं।
टूर्नामेंट में जीता दूसरा पदक
इस प्रतियोगिता की बात करें तो इसमें पदक हासिल करने वाले दिव्यांश पहले भारतीय निशानेबाज हैं। यह इस टूर्नामेंट में उनका दूसरा पदक है। उन्होनं इससे पहले अंजुम मौदगिल के साथ 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक जीता था। भारत की ओर से इस टूर्नामेंट में सौरभ चौधरी और मनु भारत 10 मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। टूर्नामेंट में भारत के अब तक 02 स्वर्ण और एक रजत पदक हो चुके हैं। भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर है। रूस ने अभी तक केवल एक स्वर्ण जीता है, वहीं वह कुल छह पदक जीतकर टूर्नामेंट में दूसरे नंबर पर कायम है। वहीं मेजबान चीन ने एक स्वर्ण समेत कुल 04 पदक जीते हैं, जिसके चलते वह तीसरे नंबर पर बना हुआ है।

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